(आला हजरत का तर्जुमान ए कुरान कन्ज़ुल ईमान कि खुसुसियात ) जैसा कि पिछली पोस्ट मे हमने बताया कि कुरान को दुसरी जुबानो मे ट्रान्सलेट ( तर्जुमा ) करने के दौ उसलुब यानी तरीके है एक हर लफ्ज़ के निचे उसका तर्जुमा यानी मतलब लिख दिया जाता है ( इसके बारे मे हम पिछली पोस्ट मे लिख चुके है ) अब दुसरा तरीका ये होता है कि कुरान कि आयत को मुहावरो मे ट्रान्सलेट करना यानी लफ्ज़ो के तर्जुमे को आगे पिछे करके पुरा एक वाक्य बनाना जैसे what is your name तुम्हारा नाम क्या है ,, तो इस तरह का तर्जुमा तो सभी ने किया लेकिन आला हजरत ने जो मुहावरी तर्जुमा किया है वो ऐसा कमाल का किया है जिसमे लफ्ज़ी तर्जुमा भी आ जाता है पुरी इबारत का वाक्य भी समझ आ जाता है और फलसफा भी समझ आ जाता दुसरो के तर्जुमे को समझने के लिये बङी तफसिर दरकार होती है लेकिन आला हजरत के तर्जुमे का आलम ये है कि खालिस तर्जुमे से ही रब्त हुस्न ब्यान हुक्म फलसफा जो़क अदब सबकुछ मिल जाता है आईये आपको एक आयत का खुबसुरत मन्ज़र बताऊ आयत ये है 👇👇 وَ اِذَا خَلَوۡا عَضُّوۡا عَلَیۡکُمُ الۡاَنَامِلَ مِ...
#आराईं कौन कौन हैं ? आराईं एक ज़ात ( caste ) है इस ज़ात के लोग भारत पाक में कसीरा तादाद में रहते हैं आले ज़ोरईंन कि आमद 1200 क़ब्ल अज़ मसीह है ऐन या राईन मुहिब्बुल अदया यानी कहतानी उन नस्ल खानदान बनी बनू हमीर के एक उलुल अज़्म और बा हिम्मत शहज़ादे मसर्रत ज़ियादुल जहूर की औलाद से हैं ये खानदान यमन में बादशाही करता था बनू हमीर कहतान से सातवीं पुश्त में था कहतान के बेटे का नाम बअसर था जो हज़रत इब्राहीम का हम असर था प्रीम ने जब एक कलआ ज्बले ज़ोरईन तामीर किया तो उसका नाम प्रीम ज़ोरईंन पड़ गया प्रीम ज़ोरईन को आराईं का मोरिस ए आला तसव्वुर किया जाता है इसी वजा से इन्हें आले ज़ोरईन भी कहा जाता है प्रीम ज़ोरईन की औलाद से हज़रत सहाबिये रसूल अलैहिस्सस्लाम हज़रत नोमान ज़ोरईन हैं जिन्होंने 632 ईसबी में हज़रत रसूले पाक का दावत नामा पढ़ कर इस्लाम कुबूल कर लिया था कुछ रिवायात के हिसाब से आराईं क़ौम का शजरा हज़रत फ़ारूके आज़म से मिलता है इसी निसबत से कुछ आराईं फ़ारूक़ी भी कहलाते हैं आराईं वो अफ़राद हैं जो इस्लामी जंगो में झंडों की हिफाज़त पे मामूर होते थे इस फतेह के निशान वाले झंडे का नाम आराइया होता था आराईं क़बीले के मश...
:::अल्हम्दुलिल्लाह की फ़ज़िलत::: 1. अल्हम्दुलिल्लाह से मीज़ान भर जाऐगा । [मुस्लिम] 2. बहतरीन दुआ अल्हम्दुलिल्लाह है । [तिर्मिजी] 3. नेमत मिलने पर अल्हम्दुलिल्लाह कहना मिलने वाली नेमत से अफ़ज़ल है । [इब़्न माजह] 4. 100 बार अल्हम्दुलिल्लाह कहना अल्लाह पाक की राह मे 100 लगाम चढ़ाऐ हुऐ घोड़े देने की तरह है । [अहमद] 5. अल्हम्दुलिल्लाह जन्नत मे दरख़्त लगाने का एक बीज है । [तिर्मिजी] 6. अल्हम्दुलिल्लाह कहने पर जन्नत मे एक दरख़्त लगा दिया जाता है । [इब़्न माजह] 7. अल्हम्दुलिल्लाह बाक़ी रहने वाली नेकीयों मे से है । [हाकिम] 8. अल्हम्दुलिल्लाह कहना सदक़ा है । [मुस्लिम] 9. अल्हम्दुलिल्लाह वही कलमा है जिस ने हज़रत नुह अलैहिस्सलाम को अल्लाह पाक का शुक्र गुज़ार बन्दा बना दिया । [अहमद] 10. खाना खा कर शुक्र अदा करने वाला सब्र करने वाले रोज़ेदार की तरह है । [तिर्मिजी] आप खाना खा कर अल्हम्दुलिल्लाह कह कर यह फ़ज़िलत हासिल कर सकते हो । 11. अल्लाह पाक बन्दे से राज़ी होता है जब वह खाना खा कर अल्हम्दुलिल्लाह पढ़े या पि कर अल्हम्दुलिल्लाह पढ़े । [मुस्लिम] 12. आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब छिंकते तो अल्हम्दुलिल्लाह...
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