#सदका_वाला_पत्थर...ऐसे पत्थर खिलाफत ए उस्मानिया में सरे राह रखे जाते थे। ताकि जरूरतमंद इसमें से पैसे ले सकें इसमें हाथ डालने वाला ही सिर्फ जानता था कि वो सदका डाल रहा है या निकाल रहा है और किसी को मालूम भी नहीं होता था
खिलाफत दुनिया की वाहिद ऐसी निज़ाम थी जिसमे एक चींटी को भी ज़र्रा बराबर तकलीफ़ ना पहुंचती थी.!!!
#आराईं कौन कौन हैं ? आराईं एक ज़ात ( caste ) है इस ज़ात के लोग भारत पाक में कसीरा तादाद में रहते हैं आले ज़ोरईंन कि आमद 1200 क़ब्ल अज़ मसीह है ऐन या राईन मुहिब्बुल अदया यानी कहतानी उन नस्ल खानदान बनी बनू हमीर के एक उलुल अज़्म और बा हिम्मत शहज़ादे मसर्रत ज़ियादुल जहूर की औलाद से हैं ये खानदान यमन में बादशाही करता था बनू हमीर कहतान से सातवीं पुश्त में था कहतान के बेटे का नाम बअसर था जो हज़रत इब्राहीम का हम असर था प्रीम ने जब एक कलआ ज्बले ज़ोरईन तामीर किया तो उसका नाम प्रीम ज़ोरईंन पड़ गया प्रीम ज़ोरईन को आराईं का मोरिस ए आला तसव्वुर किया जाता है इसी वजा से इन्हें आले ज़ोरईन भी कहा जाता है प्रीम ज़ोरईन की औलाद से हज़रत सहाबिये रसूल अलैहिस्सस्लाम हज़रत नोमान ज़ोरईन हैं जिन्होंने 632 ईसबी में हज़रत रसूले पाक का दावत नामा पढ़ कर इस्लाम कुबूल कर लिया था कुछ रिवायात के हिसाब से आराईं क़ौम का शजरा हज़रत फ़ारूके आज़म से मिलता है इसी निसबत से कुछ आराईं फ़ारूक़ी भी कहलाते हैं आराईं वो अफ़राद हैं जो इस्लामी जंगो में झंडों की हिफाज़त पे मामूर होते थे इस फतेह के निशान वाले झंडे का नाम आराइया होता था आराईं क़बीले के मश...
(मेरा यह लाडला मेरी उम्मत के हाथ से शहीद होगा) •• 👉यूं तो हुज़ूर ﷺ को अपने तमाम ही उम्मतियों से मुहब्बत थी लेकिन आप अपनी बेटी हज़रत फ़ातिमा रज़ि०) को बहुत चाहते थे हज़रत फ़ातिमा आपकी सबसे छोटी बेटी थीं। हज़रत मौला अली शेरे खुदा करमल्लाहु वजहुल करीम' को हुज़ूर ﷺ ने ही पाला था उनसे हुज़ूर ﷺ बेटे की तरह मुहब्बत करते थे। आपने हज़रत फ़ातिमा रज़ि०) की शादी हज़रत मौला अली शेरे खुदा करमल्लाहु वजहुल करीम' से की थी उनके पेट से हज़रत मौला अली शेरे खुदा करमल्लाहु वजहुल करीम' के दो बच्चे हुए एक हज़रत हसन और दूसरे हज़रत हुसैन रज़ि०) इन दोनों ही बेटों की पैदाइश पर हुज़ूर ﷺ बेहद खुश हुए थे लेकिन हज़रत हुसैन रज़ि०) की पैदाइश के वक़्त हुज़ूर ﷺ का चेहरा यकायक फीका पड़ गया और आंखों में आंसू छलछला उठे। हज़रत मौला अली रज़ि०) ने आप के रोने की वजह पूछी तो आपने फ़रमाया ऐ अबू तुराब! मुझे जिब्राईल' ने खबर दी है कि मेरा यह लाडला मेरी उम्मत के हाथ से शहीद होगा। यह सुन कर हज़रत अली रज़ि०) की आंखें भी भीग आयी हज़रत फ़ातिमा रज़ि०) को जब यह खबर मिली तो उनका दिल बैठने लगा वह हुज़ूर ﷺ के पास तशरीफ़ लायी...
:::अल्हम्दुलिल्लाह की फ़ज़िलत::: 1. अल्हम्दुलिल्लाह से मीज़ान भर जाऐगा । [मुस्लिम] 2. बहतरीन दुआ अल्हम्दुलिल्लाह है । [तिर्मिजी] 3. नेमत मिलने पर अल्हम्दुलिल्लाह कहना मिलने वाली नेमत से अफ़ज़ल है । [इब़्न माजह] 4. 100 बार अल्हम्दुलिल्लाह कहना अल्लाह पाक की राह मे 100 लगाम चढ़ाऐ हुऐ घोड़े देने की तरह है । [अहमद] 5. अल्हम्दुलिल्लाह जन्नत मे दरख़्त लगाने का एक बीज है । [तिर्मिजी] 6. अल्हम्दुलिल्लाह कहने पर जन्नत मे एक दरख़्त लगा दिया जाता है । [इब़्न माजह] 7. अल्हम्दुलिल्लाह बाक़ी रहने वाली नेकीयों मे से है । [हाकिम] 8. अल्हम्दुलिल्लाह कहना सदक़ा है । [मुस्लिम] 9. अल्हम्दुलिल्लाह वही कलमा है जिस ने हज़रत नुह अलैहिस्सलाम को अल्लाह पाक का शुक्र गुज़ार बन्दा बना दिया । [अहमद] 10. खाना खा कर शुक्र अदा करने वाला सब्र करने वाले रोज़ेदार की तरह है । [तिर्मिजी] आप खाना खा कर अल्हम्दुलिल्लाह कह कर यह फ़ज़िलत हासिल कर सकते हो । 11. अल्लाह पाक बन्दे से राज़ी होता है जब वह खाना खा कर अल्हम्दुलिल्लाह पढ़े या पि कर अल्हम्दुलिल्लाह पढ़े । [मुस्लिम] 12. आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब छिंकते तो अल्हम्दुलिल्लाह...
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